जबलपुर। देश में तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित किए जाने के बावजूद क्या कुछ लोग आज भी इसे महिलाओं को घर से निकालने का हथियार बना रहे हैं? जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने इसी सवाल को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने सार्वजनिक रूप से तीन बार “तलाक” कहकर उसे छोड़ दिया, घर से निकाल दिया और दूसरी महिला के साथ रहने लगा।
पीड़िता तस्लीम की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल केवल पति-पत्नी के विवाद का नहीं, बल्कि यह भी है कि यदि आरोप सही हैं तो क्या कानून का खुला उल्लंघन हुआ है?
तीन साल पहले हुआ निकाह, फिर बदल गया व्यवहार
महिला के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले बड़े मदार छल्ला निवासी मोहम्मद शहनवाज से उसका निकाह हुआ था। शुरुआती समय में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद पति देर रात घर लौटने लगा। पूछने पर विवाद और मारपीट होने लगी। महिला का आरोप है कि पति का किसी अन्य महिला से संबंध था और धीरे-धीरे वह अधिक समय उसी के साथ बिताने लगा।
क्या पहले से बन चुकी थी दूसरी जिंदगी?
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि पति पहले कभी-कभार दूसरी महिला के घर जाता था, लेकिन बाद में वहीं रहने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, घर खर्च बंद कर दिया गया और बच्चों की जिम्मेदारी भी नहीं निभाई गई। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल वैवाहिक विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पत्नी के साथ क्रूरता और पारिवारिक दायित्वों की अनदेखी जैसे गंभीर पहलू भी सामने आएंगे।
शादी समारोह बना ‘तलाक’ का मंच?
महिला का कहना है कि बुधवार रात एक रिश्तेदारी के शादी समारोह में पति ने लोगों के सामने तीन बार “तलाक” कहकर संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके बाद वह मौके से चला गया। पीड़िता का आरोप है कि पति अब दूसरी महिला को अपने घर में रखे हुए है और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
तीन तलाक पर कानून क्या कहता है?
भारत में तत्काल तीन तलाक (Instant Triple Talaq) को अवैध और दंडनीय घोषित किया जा चुका है। किसी मुस्लिम पति द्वारा एक साथ तीन तलाक बोलकर विवाह समाप्त करने का दावा कानून की नजर में मान्य नहीं है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के अनुसार महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पति की तलाश की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के घेरे में कई सवाल
- क्या महिला के आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों से होगी?
- क्या वास्तव में सार्वजनिक रूप से तीन तलाक कहा गया?
- क्या दूसरी महिला के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित किए गए हैं या यह केवल आरोप है?
- क्या पत्नी के साथ मारपीट और धमकी के आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य हैं?
- क्या इस मामले में तीन तलाक कानून सहित अन्य आपराधिक धाराएं भी लागू होंगी?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल यह मामला महिलाओं के अधिकार, वैवाहिक जिम्मेदारियों और कानून के पालन को लेकर गंभीर बहस का विषय बन गया है।
