भाजपा नेता उज्जवल पचौरी EXPOSE- राजस्व का लगाया चूना 50 करोड़ के अनुबंध, 500 का स्टाम्प!

 

जबलपुर। टोल प्लाजा पार्टनरशिप के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित खेल की परतें अब एक-एक कर खुलती नजर आ रही हैं। शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को सौंपे गए दस्तावेजों और विभिन्न विभागों से प्राप्त जवाबों के आधार पर यह मामला अब सिर्फ दो पक्षों के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कथित रूप से राजस्व हानि, दस्तावेजों के उपयोग और अनुबंधों की वैधता जैसे गंभीर सवालों के केंद्र में आ गया है।

इस पूरे प्रकरण के केंद्र में भाजपा नेता एवं यूवी ऑनलाइन के संचालक उज्ज्वल पचौरी का नाम सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि टोल प्लाजा में पार्टनर बनाने के नाम पर कम मूल्य के स्टाम्प पर करोड़ों रुपये के अनुबंध तैयार कराए गए और इसके एवज में भारी रकम ली गई।

500 रुपये के स्टाम्प पर करोड़ों का सौदा?

शिकायत के अनुसार, करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक के टोल पार्टनरशिप सौदों के लिए केवल 500-500 रुपये के ई-स्टाम्प का उपयोग किया गया। आरोप है कि अनुबंध कराने वालों को यह विश्वास दिलाया गया कि ऐसी प्रक्रिया पूरी तरह वैध है और इसके लिए आवश्यक अधिकार प्राप्त हैं।

पुलिस जांच में नोटरी, गवाहों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाने का दावा किया गया है, जिनमें अनुबंध की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।

राजस्व विभाग की आपत्ति

मामले की जांच के दौरान उप-पंजीयक कार्यालय ने पुलिस को भेजे पत्र में कथित रूप से कहा है कि यदि उच्च मूल्य के अनुबंध कम मूल्य के स्टाम्प पर किए गए हैं तो शासन को मुद्रांक शुल्क का नुकसान हुआ है। विभाग ने पुलिस से पूरे मुद्रांक शुल्क का आकलन कर दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

NHAI का जवाब बना अहम कड़ी

पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से मांगी गई जानकारी के जवाब में कथित रूप से यह स्पष्ट किया गया कि प्राधिकरण ऐसे निजी पार्टनरशिप अनुबंधों की अनुमति नहीं देता। शिकायतकर्ता का दावा है कि इससे संबंधित दस्तावेजों की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

खम्परिया कनेक्शन भी जांच के दायरे में

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कथित तौर पर अमित खम्परिया के साथ मिलकर टोल पार्टनरशिप के नाम पर लोगों से बड़ी रकम ली गई। आवेदन में यह भी मांग की गई है कि पूरे प्रकरण में उज्ज्वल पचौरी की भूमिका की गहन जांच कर उन्हें मामले में आरोपी बनाया जाए।

अब नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर

मामले में पुलिस जांच जारी है और संबंधित विभागों से प्राप्त दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।


 

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