यौमे आशूरा पर शिया समाज ने निकाला पारंपरिक मातमी जुलूस, रानीताल कर्बला में हुआ समापन

जबलपुर। शिया समाज द्वारा 26 जून को यौमे आशूरा के अवसर पर सुबह मस्जिद जाकिर अली में इबादत और शिया इमामबाड़े में मजलिस के बाद पारंपरिक अलम जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में शिया बंधुओं की मौजूदगी में यह जुलूस फुटाताल, खटीक मोहल्ला और सुनरहाई होते हुए कोतवाली थाने के सामने पहुंचा। यहाँ मुरादाबाद से पधारे मौलाना जाफ़र रज़ा ने इमाम हुसैन की शहादत और सत्य-इंसाफ के संघर्ष को याद करते हुए युवाओं से दुनियावी शिक्षा के साथ मजहबी शिक्षा हासिल करने का आह्वान किया, ताकि वे भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी से मुक्त रहकर देश व समाज की भलाई कर सकें। इसके बाद जुलूस बड़ा फुहारा, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए दोपहर 2 बजे रानीताल कर्बला पहुँचा, जहाँ इसका समापन हुआ। जुलूस के दौरान शुजाअत रिज़वी, आगा रज़ा सहित अन्य जनों ने नोहे पढ़े, जिस पर शिया समाज ने सीना पीटकर मातम मनाया। रात 8 बजे शिया इमामबाड़ा गलगला में शाम-ए-गरीबां की मजलिस हुई। संस्था सचिव अफसर हुसैन नक़्वी फीजू ने सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक सहयोग का आभार जताया।

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