जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र के बेदी नगर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक मकान के बाहर लगे विद्युत मीटर के पीछे तीन फीट लंबा सांप दिखाई दिया। सांप को देखकर घर के सदस्य और आसपास के लोग घबरा गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सर्प विशेषज्ञ ने सुरक्षित रेस्क्यू कर सांप को पकड़ लिया और बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार बेदी नगर निवासी सत्यम केसरवानी के घर में लगे विद्युत मीटर के पीछे बनी कच्ची दीवार की दरार में एक सांप धीरे-धीरे घुस रहा था। अचानक सांप पर नजर पड़ते ही परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने भी जोखिम नहीं उठाया और तत्काल सर्प विशेषज्ञ को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान लोगों को सांप से दूर रहने की सलाह दी गई। सांप को पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने के लिए जंगल ले जाया गया, जहां सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया गया।
गजेन्द्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप ब्रॉन्ज बैक ट्री स्नेक (Bronze Back Tree Snake) है, जिसे आम बोलचाल में कांस्य पीठ वृक्ष सर्प या बांस जोड़ सर्प भी कहा जाता है। यह प्रजाति सामान्यतः पेड़ों पर निवास करती है और इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होती। यह सांप विषहीन और बेहद शर्मीले स्वभाव का होता है, जो किसी प्रकार का खतरा महसूस होने पर छिपने की कोशिश करता है।
उन्होंने बताया कि इस सर्प का मुख्य भोजन छिपकलियां, छोटे कीट-पतंगे और पक्षियों के अंडे होते हैं। इसकी एक विशेषता यह भी है कि यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक कई मीटर की दूरी तय कर सकता है। इसी वजह से कई लोग इसे “उड़ने वाला सांप” समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह उड़ता नहीं है बल्कि छलांग लगाकर आगे बढ़ता है। इसे लेकर प्रचलित कई बातें केवल लोककथाएं और भ्रांतियां हैं।
सांप के सुरक्षित रेस्क्यू और उसे जंगल में छोड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सांप और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें।
