जबलपुर। क्या एक विवाहिता की जिंदगी लगातार घरेलू प्रताड़ना, शराबखोरी और पैसों की मांग की भेंट चढ़ गई? बरेला थाना क्षेत्र से सामने आए एक दर्दनाक मामले ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और वैवाहिक उत्पीड़न की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने पति पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को संदेह और जांच के दायरे में ला दिया है।
मृतका मंजूलता साहू की मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने जो आरोप लगाए हैं, वे कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। परिजनों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि वर्षों से चल रहे उत्पीड़न का दुखद अंत है।
शादी के बाद से शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला?
खिरैनी निवासी हरिप्रसाद साहू के अनुसार वर्ष 2011 में उन्होंने अपनी बेटी मंजूलता की शादी बरेला क्षेत्र निवासी प्रदीप साहू से की थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी का घर-परिवार खुशहाल रहेगा, लेकिन कुछ समय बाद ही हालात बदलने लगे।
परिजनों का आरोप है कि प्रदीप साहू शराब का आदी था और नशे की हालत में अक्सर मंजूलता के साथ मारपीट करता था। शारीरिक हिंसा के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी लगातार जारी रही। कई बार समझाइश और पारिवारिक हस्तक्षेप के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं आया।
आखिर क्यों मांगे जा रहे थे पैसे?
मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले आरोपी पति ने 35 हजार रुपए की मांग की थी। बेटी का घर बचाने और विवाद शांत कराने के उद्देश्य से उन्होंने यह राशि उपलब्ध भी करा दी। लेकिन सवाल यह है कि रकम मिलने के बाद भी यदि प्रताड़ना जारी रही तो इसके पीछे असली वजह क्या थी?
परिजनों का कहना है कि पैसे देने के बावजूद मंजूलता को प्रताड़ित किया जाता रहा। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल आर्थिक मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि विवाहिता लंबे समय से मानसिक दबाव और घरेलू हिंसा का शिकार थी।
मौत से पहले क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले मंजूलता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए नेशनल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में जहरीले पदार्थ के सेवन की बात सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
मंजूलता ने जहर क्यों खाया? क्या वह लगातार प्रताड़ना से टूट चुकी थी? या फिर इसके पीछे कोई और वजह है? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
पुलिस के सामने चुनौती, क्या खुलेंगे उत्पीड़न के राज?
घटना की सूचना मिलने के बाद बरेला थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संगीता सिंह के मुताबिक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि विवाहिता की मौत के पीछे घरेलू हिंसा, आर्थिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना की क्या भूमिका रही। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, प्रताड़ना और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
एक मौत, कई सवाल
मंजूलता की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कितनी महिलाओं को घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के बाद अपनी जान गंवानी पड़ती है? क्या समय रहते शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई होती तो यह जान बच सकती थी? क्या परिवार और समाज ऐसे मामलों में पर्याप्त संवेदनशील भूमिका निभा रहे हैं?
इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच के गर्भ में हैं। लेकिन इतना तय है कि मंजूलता की मौत ने एक परिवार से उसकी बेटी छीन ली है और पीछे छोड़ दिए हैं कई ऐसे सवाल, जिनका जवाब अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही मिल सकेगा।
