नाम बदलकर डेंटल क्लीनिक चला रहा था हैदराबाद का सैयद इसरार, वीएचपी-बजंरग दल के हंगामे के बाद गिरफ्तार

​जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में दस्तावेजों की हेरा-फेरी कर पहचान छुपाने और हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मदन महल थाना क्षेत्र में ‘डेंटल स्क्वेयर’ के नाम से क्लीनिक चलाने वाले सैयद इसाक असरार (मूल निवासी हैदराबाद) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी यहाँ अपनी असली पहचान छुपाकर ‘राजकुमार’ के नाम से डेंटिस्ट बना बैठा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी और उन्होंने मदन महल थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया।

​फर्जी दस्तावेजों का खेल, अलग-अलग पते पर बने आधार कार्ड

आरोपी सैयद इसाक असरार बेहद शातिर तरीके से पहचान बदलकर रह रहा था। उसने जबलपुर के संजीवनी नगर (गढ़ा) के पते से ‘राजकुमार’ के नाम का फर्जी आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया था। आरोपी ने धोखाधड़ी करते हुए हैदराबाद और जबलपुर में अलग-अलग पहचान पत्र बना रखे थे। बजरंग दल और वीएचपी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वह मुस्लिम होने के बावजूद खुद को हिंदू बताकर क्षेत्र की कई लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर धोखा दे चुका है।

​पीड़ित युवती ने बयां किया दर्द

मामले के सामने आने के बाद एक पीड़ित युवती भी पुलिस के पास पहुंची। युवती ने बताया कि आरोपी ने खुद का नाम राजकुमार बताकर उसके साथ बड़ी धोखाधड़ी की है। उसे भनक तक नहीं थी कि जिसे वह राजकुमार समझ रही है, वह असल में सैयद इसरार है।

थाने में वीएचपी की मांग और पुलिस की कार्रवाई

वीएचपी नेता सुमित सिंह और अन्य पदाधिकारियों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डेंटल स्क्वेयर क्लीनिक से आरोपी को दबोच लिया। मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों की हेरा-फेरी की शिकायत मिली है, जिसके प्रमाण भी हाथ लगे हैं। फिलहाल मामले को जांच में लिया गया है।
​विदेशी करेंसी बरामद, बड़े रैकेट की आशंका
पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपी के पास से थाईलैंड की करेंसी भी मिली है, जिसके संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि आरोपी खुद को बेकसूर बता रहा है, लेकिन विदेशी मुद्रा और फर्जी पहचान पत्रों के मिलने से शहर में किसी बड़े रैकेट के सक्रिय होने की आशंका गहरा गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं बाहरी राज्यों से आकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे शहर में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाला कोई सुनियोजित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है। पूछताछ में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

Share This Article
Translate »