डूंड़ी गौशाला में एक सप्ताह में 6 गायों की मौत: गौसेवा के दावों पर सवाल, डूंड़ी गौशाला में लगातार हो रही गौवंश की मौतें

जबलपुर। डूंड़ी स्थित रानी अवंती बाई गौशाला में एक सप्ताह के भीतर छह गायों की मौत होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही गौवंश की मौतों ने गौशाला की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और गौसेवकों ने गौशाला में फैली अव्यवस्था को इन मौतों के लिए जिम्मेदार बताते हुए जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में लंबे समय से स्वच्छता, चारे और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। परिसर के कई हिस्सों में गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे गौवंश विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या के निराकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

◼ बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में रहने वाले पशुओं को पर्याप्त और गुणवत्तायुक्त चारा नहीं मिल पा रहा है। वहीं स्वच्छ पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं होने से गौवंश को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में जलभराव और कीचड़ की स्थिति ने हालात और खराब कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को गौशाला की समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। परिणामस्वरूप बीमार पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और अब मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है।

◼ समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीमार गायों को समय पर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई पशु लंबे समय तक बीमार अवस्था में पड़े रहते हैं, लेकिन उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच और उपचार की प्रभावी व्यवस्था नहीं है। इससे पशुओं की हालत गंभीर हो जाती है और कई मामलों में उनकी मौत हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उपचार और देखभाल की उचित व्यवस्था की जाती तो कई गायों की जान बचाई जा सकती थी।

◼ प्रशासन से कार्रवाई की मांग

लगातार हो रही मौतों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि गायों की मौत किन कारणों से हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

◼ तत्काल सुधार की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों और गौसेवकों ने गौशाला में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने, पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नियमित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गौशालाओं का उद्देश्य निराश्रित और बीमार गौवंश की सुरक्षा और देखभाल करना है, लेकिन यदि वहीं उनकी जान पर बन आए तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और गौवंश की मौतों के पीछे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है।

 

Share This Article
Translate »