पवित्र रिश्ता हुआ कलंकित: ट्यूशन पढ़ाने वाली विधवा महिला से दुष्कर्म करने वाले मोहम्मद हामिद को 10 साल की जेल

विश्वासघात का खौफनाक अंत: गोहलपुर की घटना में जिला अदालत का बड़ा फैसला, दोषी मोहम्मद हामिद पर जुर्माना, पीड़िता को मिलेगा मुआवजा

जबलपुर। 

शिक्षा के पवित्र और सम्मानजनक रिश्ते को कलंकित करने वाले एक छह साल पुराने सनसनीखेज मामले में जबलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने विधवा शिक्षिका के साथ जबरन दुष्कर्म करने के आरोपी छात्र को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कानून का कड़ा संदेश देते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि विश्वास का दुरुपयोग कर किए गए अपराधों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

न्यायालय का सख्त रुख: ‘प्रतिकर योजना’ से मिलेगा न्याय

यह महत्वपूर्ण फैसला अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निशा विश्वकर्मा की अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दस्तावेजी सबूतों को सही पाया। कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद हामिद अंसारी को दोषी ठहराते हुए सजा के साथ-साथ पीड़िता को ‘मध्यप्रदेश पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं।

अदालत की टिप्पणी:

“शिक्षा का रिश्ता हमेशा विश्वास पर टिका होता है। जब वही विश्वास अपराध का जरिया बन जाए, तो समाज और कानून में कठोर संदेश जाना बेहद जरूरी है।”

केस फाइल: ट्यूशन की आड़ में रची थी साजिश

  • मेहनत की कमाई, फिर भी मिला धोखा: गोहलपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला अपने तीन बच्चों के भरण-पोषण के लिए घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी और साथ में सिलाई का काम करती थी।

  • बनाया विश्वास का रिश्ता: इसी दौरान आरोपी मोहम्मद हामिद अंसारी उसके पास ट्यूशन पढ़ने आने लगा। लगातार आने-जाने के कारण उसने महिला का विश्वास जीत लिया।

  • मर्यादा की पार: अभियोजन के अनुसार, इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। लोक-लाज और डर से उबरकर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

फ्रंट पेज स्पेशल हाइलाइट्स (बॉक्स आइटम):

मामला एक नजर में अदालत का फैसला
घटनास्थल: गोहलपुर क्षेत्र, जबलपुर मुख्य आरोपी: मोहम्मद हामिद अंसारी (दोषी सिद्ध)
अपराध: शिक्षिका के साथ जबरन दुष्कर्म सजा: 10 वर्ष का कठोर कारावास
न्यायाधीश: अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निशा विश्वकर्मा जुर्माना: ₹6,000 का अर्थदंड + पीड़िता को मुआवजा
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