भिंड। गोहद नगर पालिका में विकास कार्यों की बजाय इन दिनों एक एसी को लेकर सियासी और प्रशासनिक घमासान चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला नोटिस और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेश जाटव ने अध्यक्ष मंजू माहौर को नोटिस जारी कर आरोप लगाया है कि कार्यालय में उपयोग होने वाला एयर कंडीशनर बिना किसी अनुमति के उनके निवास पर स्थापित कर लिया गया है। नोटिस में इसे सरकारी संपत्ति का अनुचित उपयोग बताते हुए एसी तत्काल वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अध्यक्ष मंजू माहौर ने सीएमओ के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उनका कहना है कि जिस एसी को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह लंबे समय से नगर पालिका के स्टोर रूम में अनुपयोगी हालत में पड़ा था। उन्होंने अपने खर्च पर उसे ठीक कराया और अपने कार्यालय उपयोग के लिए निवास पर लगवाया।
अध्यक्ष का आरोप है कि नगर पालिका में उनके लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि उनके चेंबर में पर्याप्त फर्नीचर और आवश्यक संसाधनों का अभाव है, जबकि अधिकारियों के कार्यालय पूरी तरह सुविधायुक्त हैं। उन्होंने सीएमओ पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और अनावश्यक विवाद खड़ा करने का भी आरोप लगाया।
विवाद अब केवल एसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक अधिकारों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अध्यक्ष ने इसे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से जोड़ते हुए कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के अनुरूप सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
दूसरी ओर सीएमओ अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका की संपत्ति किसी भी परिस्थिति में निजी उपयोग के लिए नहीं दी जा सकती और एसी को वापस लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
नगर पालिका में छिड़ी इस ‘एसी वार’ ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि मामला आपसी बातचीत से सुलझता है या फिर आगे किसी उच्च स्तर की जांच और कार्रवाई तक पहुंचता है।
