ट्रेन में First AC में सफ़र करना सबसे आरामदायक और सुविधाजनक होता है, और अगर आपको कूपे मिल जाए तो क्या ही कहने! क्योंकि इसमें सिर्फ़ दो लोग ही सफ़र करते हैं। लेकिन इसका किराया सबसे ज़्यादा होता है; टिकट की ऊँची कीमत की वजह से आम लोग इसका फ़ायदा नहीं उठा पाते। हालाँकि, रेलवे का एक खास नियम है जो आपको कम किराए में भी First AC का मज़ा लेने का मौका देता है। आइए जानते हैं कि यह नियम क्या है-
अगर आप भविष्य में ट्रेन से सफ़र करने का प्लान बना रहे हैं और आपको First AC में कन्फ़र्म टिकट नहीं मिला है, लेकिन आपकी पत्नी या बेटी के पास First AC का टिकट है, और आपके बेटे का टिकट Second AC में है, तो एक खास सुविधा उपलब्ध है। आप इसका फ़ायदा उठा सकते हैं। रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक, 12 साल से कम उम्र का आपका बेटा अपनी माँ के साथ First AC कूपे में सफ़र कर सकता है। इस दौरान TTE (टिकट चेकर) भी मना नहीं कर सकता। इस तरह, कम किराए वाले टिकट पर भी First AC की सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। हालाँकि, एक शर्त यह है कि यह नियम तभी लागू होगा जब कंपार्टमेंट में बैठे दोनों यात्री महिलाएँ हों।
सिर्फ़ बच्चों को अनुमति
इसी तरह, रेलवे में महिलाओं के कोच के लिए भी एक खास नियम है। आम तौर पर, पुरुषों को महिलाओं के कोच में सफ़र करने की अनुमति नहीं होती है। लेकिन अगर कोई महिला महिलाओं के कोच में सफ़र कर रही है और उसका बेटा किसी दूसरे कोच में है, तो रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक, बेटा अपनी माँ के साथ महिलाओं के कोच में सफ़र कर सकता है। इसके लिए भी शर्त यह है कि बेटे की उम्र 12 साल से कम होनी चाहिए। रेलवे मैनुअल के अनुसार, 12 साल से कम उम्र का बच्चा रात में अपनी माँ के साथ First AC या महिलाओं के कोच में सफ़र कर सकता है।
फ़ायदेमंद नियम
यह नियम उन परिवारों के लिए खास तौर पर मददगार है जो रात में अपने बच्चों को अपनी माँ के साथ सुरक्षित और आरामदायक रखना चाहते हैं। इससे न सिर्फ़ यात्रियों को सुविधा मिलती है, बल्कि उन्हें कम किराए में बेहतर कोच में सफ़र करने का मौका भी मिलता है। रेलवे के ये नियम यात्रियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, ताकि उनकी यात्रा आसान और सुरक्षित हो।
