JABALPUR NEWS: स्विमिंग पूल में करंट से युवक की मौत: निसर्ग रिसॉर्ट संचालक विवेक त्रिपाठी को जमानत

जबलपुर। बरेला थाना क्षेत्र स्थित निसर्ग रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल में करंट लगने से युवक की मौत के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर ने आरोपी रिसॉर्ट संचालक विवेक त्रिपाठी को जमानत दे दी है। आरोपी के विरुद्ध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 एवं 106(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया था।

प्रकरण के अनुसार 24 मई 2026 को साजन विश्वकर्मा अपने दोस्तों के साथ निसर्ग रिसॉर्ट में स्विमिंग करने गया था। इसी दौरान स्विमिंग पूल के समीप लगे लोहे के पाइप में करंट प्रवाहित हो रहा था। जांच में सामने आया कि पाइप के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार का इंसुलेशन क्षतिग्रस्त था, जिससे विद्युत प्रवाह पाइप तक पहुंच गया था। पाइप के संपर्क में आते ही साजन करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि घटना से पहले एक अन्य व्यक्ति को भी उसी पाइप को छूने पर बिजली का झटका लगा था। इसकी जानकारी रिसॉर्ट के कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद सुरक्षा संबंधी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने रिसॉर्ट प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया था।

बचाव पक्ष ने दी ये दलील

जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान विवेक त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आवेदक रिसॉर्ट के दैनिक संचालन, रखरखाव और स्विमिंग पूल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रभारी नहीं था। बचाव पक्ष ने नियुक्ति एवं प्रबंधन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा कि रिसॉर्ट के संचालन की जिम्मेदारी अन्य अधिकृत कर्मचारियों और प्रबंधकों के पास थी।

साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि विवेक त्रिपाठी के खिलाफ किसी आपराधिक मंशा अथवा प्रत्यक्ष लापरवाही का कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और वह अनावश्यक रूप से हिरासत में है।

न्यायालय ने क्या कहा

मामले की सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपों की प्रकृति, जांच की स्थिति तथा आरोपी की न्यायिक हिरासत को ध्यान में रखा। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही के कारण हुई दुर्घटना का प्रतीत होता है। साथ ही यह भी पाया कि आरोपी से आगे किसी विशेष पूछताछ की आवश्यकता नहीं है तथा उसके फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की संभावना भी कम है। इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने विवेक त्रिपाठी की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने के आदेश जारी किए।

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