जनता के काम में देरी पड़ी महंगी, जबलपुर में 22 अधिकारियों पर कलेक्टर की कार्रवाई:34,500 रुपये का जुर्माना

 

जबलपुर। लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में आम नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले 22 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर 250 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक का अर्थदंड अधिरोपित किया है। कुल मिलाकर 34 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

दंडित अधिकारियों में एसडीएम, अतिरिक्त तहसीलदार और विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिव शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को पांच दिनों के भीतर साइबर ट्रेजरी के माध्यम से शासन के खाते में राशि जमा कर उसकी रसीद लोक सेवा प्रबंधन विभाग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर यह रकम सीधे वेतन से वसूल की जाएगी।

कार्रवाई के तहत रांझी एसडीएम मोनिका बाघमारे पर एक हजार रुपये, अतिरिक्त तहसीलदार भीमसेन पटेल पर 250 रुपये तथा गोरखपुर के अतिरिक्त तहसीलदार आदित्य जंघेला पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं विभिन्न जनपद पंचायतों के सचिवों पर भी समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने के कारण दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

सबसे अधिक 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड सिहोरा जनपद की ग्राम पंचायत कुशयारी के सचिव संदीप सिंह ठाकुर और कुंडम जनपद की ग्राम पंचायत भैंसवाही के सचिव जियालाल मार्को पर लगाया गया है। इसके अलावा कई पंचायत सचिवों पर 500 रुपये से लेकर 3 हजार 750 रुपये तक का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

कलेक्टर की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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