JABALPUR NEWS: देश की शान गायब: कमानिया गेट पर दो दिन से खाली खड़ा ध्वजदंड”

जबलपुर। शहर के ऐतिहासिक और पहचान माने जाने वाले कमानिया गेट पर फहराया जाने वाला तिरंगा पिछले दो दिनों से लापता है। हाल ही में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज उड़ गया, लेकिन इसके बाद भी संबंधित जिम्मेदारों द्वारा नया तिरंगा नहीं लगाया गया। वर्तमान में कमानिया गेट पर केवल खाली ध्वजदंड दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर नागरिकों में नाराजगी और सवाल दोनों उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक तथा संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर दो दिनों तक ध्वजदंड का खाली रहना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।

आंधी में उड़ा, लेकिन किसी ने नहीं ली सुध

बताया जा रहा है कि प्री-मानसून की तेज आंधी और बारिश के दौरान कमानिया गेट पर लगा गांधीवादी तिरंगा क्षतिग्रस्त होकर उड़ गया था। इसके बाद उम्मीद थी कि संबंधित संस्था या जिम्मेदार पदाधिकारी तत्काल नया तिरंगा लगवाएंगे, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने जब खाली ध्वजदंड देखा तो उन्होंने इस पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति ऐसी उदासीनता उचित नहीं है।

राष्ट्रीय पर्वों पर फहराया जाता है तिरंगा

कमानिया गेट पर नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष राष्ट्रीय अवसरों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के दौरान गांधीवादी तिरंगा फहराया जाता है। यह स्थल शहर के प्रमुख प्रतीकात्मक स्थानों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।

ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज का दो दिनों तक अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि तिरंगा आंधी में उड़ गया था, तो उसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को तुरंत हो जानी चाहिए थी।

जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग

नागरिकों ने नगर कांग्रेस कमेटी और संबंधित पदाधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द नया तिरंगा लगाया जाना चाहिए, ताकि शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर पर फिर से तिरंगा शान से लहराता दिखाई दे।

गरिमा से जुड़ा है मामला

राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वतंत्रता और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए उसके रखरखाव और सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नागरिकों की संवेदनशीलता स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि संबंधित जिम्मेदार इस मामले में कब तक कदम उठाते हैं और कमानिया गेट पर तिरंगा फिर से कब फहरता है।

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