जबलपुर में नागौद लॉज, स्टैण्डर्ड होटल और नारायणा कोचिंग सेंटर सील: फायर सेफ्टी पर निगम का बड़ा एक्शन

सीएम हेल्पलाइन के त्वरित निराकरण और नागरिक सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक के बाद उसी दिन शुरू हुई कार्रवाई

जबलपुर। नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने शहर में नागरिक सुरक्षा, फायर सेफ्टी और सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के कुछ ही घंटों बाद प्रशासन ने शहर में फायर सेफ्टी और भवन नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी।

जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के तीन प्रमुख संस्थानों—नागौद लॉज, स्टैण्डर्ड होटल और नारायणा कोचिंग सेंटर—को गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर सील कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार और पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर की गई।

समीक्षा बैठक में सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर

निगमायुक्त ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समयसीमा के भीतर संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाना चाहिए।

इसके साथ ही आगामी मानसून को देखते हुए शहर के बड़े नालों और नालियों की सफाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए ताकि जलभराव और संक्रामक बीमारियों की आशंका को कम किया जा सके।

फायर सेफ्टी पर गठित हुई संयुक्त टीम

शहर में किसी भी संभावित अग्निकांड को रोकने और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगमायुक्त ने फायर विभाग, भवन शाखा और अतिक्रमण विरोधी दस्ते की संयुक्त टीम गठित की है। इस टीम को अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों, मॉल और अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि जहां फायर एनओसी नहीं होगी या अग्निशमन उपकरण अनुपयोगी पाए जाएंगे, वहां सीधे कार्रवाई की जाएगी।

नागौद लॉज में मिली कई गंभीर खामियां

लार्डगंज-कछियाना स्थित नागौद लॉज के निरीक्षण में पाया गया कि भवन में आवश्यक अग्निशमन व्यवस्था मौजूद नहीं थी। भवन में आने-जाने के लिए केवल एक मार्ग उपलब्ध था, जो आपात स्थिति में खतरा बन सकता था।

जांच में यह भी सामने आया कि भवन को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन उसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पार्किंग व्यवस्था का अभाव और ट्रेड लाइसेंस में स्वीकृत व्यवसाय से अलग गतिविधियां संचालित होना भी पाया गया।

स्टैण्डर्ड होटल में टैरेस पर चल रहा था किचन

करमचंद चौक स्थित स्टैण्डर्ड होटल में भी फायर सेफ्टी मानकों का गंभीर उल्लंघन मिला। भवन में आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं पाए गए और प्रवेश-निकास मार्ग अत्यंत संकरे मिले।

निरीक्षण के दौरान होटल की छत पर किचन संचालित पाया गया, जिसे अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत जोखिमपूर्ण माना। भवन स्वामी मौके पर स्वीकृत नक्शा भी प्रस्तुत नहीं कर सका।

नारायणा कोचिंग में छात्रों की सुरक्षा से समझौता

राइट टाउन स्थित नारायणा कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुईं। निरीक्षण में पाया गया कि अग्निशमन उपकरण या तो अनुपयोगी थे या पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थे।

कोचिंग भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही मार्ग था। गलियारे संकरे पाए गए और वहां ज्वलनशील सामग्री का उपयोग भी किया गया था। पर्याप्त वेंटिलेशन का अभाव और भवन का स्वीकृत प्रयोजन से अलग उपयोग भी जांच में सामने आया।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों में फायर सेफ्टी, सुरक्षित निकासी व्यवस्था, भवन अनुज्ञा और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य है। जो संस्थान इन नियमों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नीलू बागरी, अग्निशमन अधिकारी कुशाग्र ठाकुर, सहायक अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र पटेल एवं निलेश पाटीदार, अतिक्रमण निरोधक अधिकारी कृष्णा पाल सिंह रावत तथा भवन विभाग के अधिकारियों सहित संयुक्त दल मौजूद रहा।

 

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