जबलपुर, 08 जुलाई। मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ ने स्वशासी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के नाम विस्तृत ज्ञापन भेजकर मांग की है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए, अन्यथा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ का कहना है कि चिकित्सा महाविद्यालयों के स्वशासी कर्मचारियों के यूनिक एम्पलाई कोड अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जिसके कारण वेतन निर्धारण, सेवा पुस्तिका का संधारण, पदोन्नति सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों ने शासन द्वारा स्वीकृत प्रभारों का लाभ दिलाने, मृत्यु एवं अतिविलंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत रोटेशन आदेशों का पालन, पूर्व में कार्यरत आयुष्मान सुपरवाइजरों एवं नोडल अधिकारियों के लंबित मानदेय का भुगतान तथा पात्र कर्मचारियों को आयुष्मान प्रोत्साहन राशि का वितरण करने की भी मांग उठाई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कई बार शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के स्वशासी कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी मांगों पर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर अजय कुमार दुबे, सुनील ईशा, ओमप्रकाश पनगरहा, विजय तिवारी, कन्हैयालाल, घनश्याम पटेल, प्रशांत श्रीवास्तव, साहिल सिद्दीकी, विपिन पीपरे, रोहित पटेल, रमेश उपाध्याय, सुरेश वाल्मीकि एवं राजू महतो सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
