न्याय की आस में एसपी दफ्तर पहुंचे 133 फरियादी, अधिकारियों को फटकार

जबलपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को आम जनता की समस्याओं और पुलिस व्यवस्था की चुनौतियों का बड़ा आईना बनकर सामने आई। न्याय और सुनवाई की उम्मीद लेकर शहर एवं ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में लोग एसपी कार्यालय पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान कुल 133 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और पुलिस अधिकारियों के समक्ष सीधे अपनी पीड़ा रखी।

जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद, जमीन संबंधी धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी, साइबर फ्रॉड और अन्य आपराधिक मामलों को लेकर शिकायतें प्रस्तुत कीं। कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की शरण लेनी पड़ी।

जनसुनवाई में उमड़ी भीड़ यह संकेत भी देती नजर आई कि कई मामलों में पीड़ितों को थाना स्तर पर समय पर राहत नहीं मिल पा रही है। बड़ी संख्या में लोगों का सीधे एसपी कार्यालय पहुंचना स्थानीय पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। कई शिकायतकर्ता ऐसे थे जो लंबे समय से कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे।

जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने एक-एक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें निष्पक्ष जांच तथा वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।

एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा सहित संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़ितों को अनावश्यक रूप से थानों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और जिन मामलों में प्रथम दृष्टया अपराध बनता है, उनमें तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक मामले की प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिक को त्वरित न्याय और सुरक्षा का भरोसा देना है तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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