जबलपुर में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और हादसों की भरमार: जमीन घोटाला, नौकरी के नाम पर ठगी और गेहूं खरीदी में अवैध वसूली का खुलासा

जबलपुर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कई बड़े मामले सामने आए हैं। कहीं विवादित जमीन बेचकर महिला से लाखों की ठगी की गई तो कहीं बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर 22 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। वहीं गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों से अवैध वसूली का मामला भी उजागर हुआ है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विवादित जमीन बेचकर महिला से ठगे साढ़े 13 लाख रुपए

माढ़ोताल थाना क्षेत्र की निवासी संगीता पटेल को दो लोगों ने विवादित जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त बताकर बेच दिया। आरोप है कि विजय नगर निवासी संजू ठाकुर और महेंद्र दुबे ने स्मार्ट रेजीडेंसी कॉलोनी में 1250 वर्गफीट जमीन का सौदा कराया और महिला से 12.50 लाख रुपए ले लिए।

28 अगस्त 2023 को रजिस्ट्री भी करा दी गई, जिसमें महिला का करीब 1.08 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च हुआ। लेकिन नामांतरण के दौरान खुलासा हुआ कि जमीन न्यायालय में लंबित विवाद का हिस्सा है। जब महिला ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने इंकार कर दिया। इसके बाद माढ़ोताल पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से 22 लाख की ठगी

विजय नगर थाना क्षेत्र में एक कथित जालसाज ने आधा दर्जन से अधिक बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 22 लाख रुपए हड़प लिए।

आरोपी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग युवकों से लाखों रुपए लेकर नौकरी लगाने का भरोसा दिया। पीड़ितों में अरविंद सेन, निहाल आर्मो, रूपेश सेन, अनिल सेन, चेतन बेन और बलराम साहू शामिल हैं। जब नौकरी नहीं लगी और युवकों ने दबाव बनाया तो आरोपी ने कुछ को चेक थमा दिए और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायत के बाद विजय नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों से 5 लाख की अवैध वसूली

सिहोरा क्षेत्र स्थित नर्मदा इंटरप्राइजेज गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों से तुलाई, भराई, सिलाई और बारदाने के नाम पर करीब 5 लाख रुपए की अवैध वसूली का मामला सामने आया है।

जांच में पाया गया कि 308 किसानों से प्रति किसान 220 रुपए तक लिए गए। कई किसानों से नकदी के बदले अतिरिक्त गेहूं भी लिया गया। जबकि नियमानुसार यह खर्च शासन द्वारा वहन किया जाता है। मामले में केंद्र प्रभारी आरती रजक समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ किसानों से ऑनलाइन भुगतान करवाया गया और पोर्टल पर फर्जी तरीके से जानकारी दर्ज की गई।

पेयजल और सीवेज व्यवस्था पर NGT सख्त

देशभर में पेयजल की गुणवत्ता और सीवेज प्रबंधन को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मध्यप्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

एनजीटी की प्रधान पीठ ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

कोयला घोटाले में SECL के चार अफसर दोषी

करीब 15 साल पुराने कोयला घोटाले के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने एसईसीएल के चार अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

अधिकारी ए.के. गोस्वामी और आर.एल. प्रसाद को चार-चार वर्ष के कारावास और 1.15 लाख रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं एम.एम. शर्मा और आर.डी. दीवान को एक-एक वर्ष की जेल और जुर्माने से दंडित किया गया है।

मामला अनूपपुर जिले की बहेराबंद भूमिगत कोयला खदान में 11,382 मीट्रिक टन कोयला कम पाए जाने से जुड़ा था।

सेवानिवृत्त कर्मचारी को राहत, हाईकोर्ट का आदेश

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ के सेवानिवृत्त कर्मचारी राम जीवन वर्मा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जनजातीय कार्य विभाग को 60 दिनों के भीतर 270 दिन के अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

कर्मचारी जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं किया गया था।

तेज रफ्तार कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलटा, 5 घायल

कटंगी थाना क्षेत्र के गंज खमरिया तिराहे पर एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा सवार पांच लोग घायल हो गए।

घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार कार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

डंपर को बचाने के प्रयास में मकान के पास पलटा ट्रक

बेलखाड़ू चौकी क्षेत्र के ग्राम झगरा में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सामने से आ रहे डंपर को बचाने के प्रयास में कृषि दवाइयों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे मकान के पास पलट गया।सौभाग्य से चालक और आसपास मौजूद ग्रामीण सुरक्षित बच गए। दो दिन के भीतर उसी स्थान पर वाहन पलटने की दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी, पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन सभी मामलों की जांच में जुटे हैं।

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