तबाही मचाने के बाद भूकंप कितनी बार लौट सकता है? जानिए म्यांमार की धरती बार-बार क्यों कांप रही है।

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। एक के बाद एक आए भूकंपों के कारण म्यांमार में स्थिति बेकाबू हो गई है। भूकंप कल, यानी शुक्रवार को आया था। धरती कांप उठी थी। इसका असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी महसूस किया गया। और एक बार फिर, यानी आज शनिवार को, म्यांमार में दोपहर 3:30 बजे भूकंप आया।

पिछले दो दिनों में म्यांमार में भूकंप के तीन ज़ोरदार झटके महसूस किए गए हैं। इन भूकंपों के कारण अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या एक हज़ार के पार पहुंच गई है। म्यांमार में इतनी बार भूकंप क्यों आ रहे हैं और क्या फिर से भूकंप आ सकते हैं? आइए हम आपको बताते हैं।

म्यांमार में इतनी बार भूकंप क्यों आ रहे हैं?

पिछले दो दिनों में म्यांमार में तीन बड़े भूकंप आए हैं। भूकंपों ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई है। अब कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि म्यांमार में इतनी बार भूकंप क्यों आ रहे हैं। दरअसल, म्यांमार दुनिया के उन इलाकों में आता है, जो एक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है, जिसे ‘सीस्मिक ज़ोन-V’ कहा जाता है।

भूकंप टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने से आते हैं। म्यांमार ‘इंडियन प्लेट’ और ‘यूरेशियन प्लेट’ के बीच स्थित है। इंडियन प्लेट हर साल 4-5 सेंटीमीटर उत्तर की ओर खिसक रही है। जिसके कारण दबाव बनता है। और जब यह दबाव अचानक से रिलीज़ होता है, तो भूकंप आता है। और यही वजह है कि म्यांमार में इतनी बार भूकंप आते हैं।

क्या फिर से भूकंप आ सकते हैं?

जब म्यांमार में भूकंप आया था, तो उसका केंद्र (epicenter) ‘सागाइंग’ था। म्यांमार भूकंपीय ज़ोन-V में आता है। यह ‘सुंडा ट्रेंच’ के पास स्थित है। यहां ‘इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट’ और ‘बर्मा माइक्रोप्लेट’ आपस में टकरा रही हैं (subducting)। जब ये प्लेटें रुक जाती हैं या अचानक खिसक जाती हैं, तो झटके महसूस होते हैं। यह 1,200 किलोमीटर लंबी ‘फॉल्ट लाइन’ म्यांमार में उत्तर से दक्षिण की ओर फैली हुई है। इसकी लगातार हलचल के कारण ही भूकंप आते हैं। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि म्यांमार में फिर से भूकंप आ सकते हैं।

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