JABALPUR NEWS: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: मंजूषा नर्सिंग होम 15 दिन के लिए बंद

मंजूषा नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 15 दिन के लिए संचालन निलंबित

जबलपुर। शहर के सदर रोड स्थित मंजूषा नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका संचालन 15 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रिकॉर्ड संधारण, मरीजों से जुड़े दस्तावेजों और उपचार संबंधी अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही संस्थान को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच दल ने मंजूषा नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन की कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और केस फाइलें व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं की गई थीं। कई मामलों में आवश्यक लिखित सहमति पत्र (कंसेंट फॉर्म) भी उपलब्ध नहीं पाए गए।

निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर कमियां

जांच टीम को निरीक्षण के समय अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की उपलब्धता भी नहीं मिली। इसके अलावा मरीजों की जानकारी शासन के अनमोल पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही थी। रिकॉर्ड संधारण, रिपोर्टिंग व्यवस्था और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा और उपचार प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 के तहत संस्थान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

15 दिन तक नए मरीज भर्ती नहीं होंगे

जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मंजूषा नर्सिंग होम का संचालन तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। इस अवधि के दौरान अस्पताल किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं कर सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में अस्पताल की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।

महिला मरीज की मौत की भी जांच जारी

उल्लेखनीय है कि जिस शिकायत के आधार पर जांच की गई, वह एक महिला मरीज की मौत से जुड़ी हुई है। संबंधित महिला की मृत्यु नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई थी। मामले में मृत्यु के वास्तविक कारणों और उपचार प्रक्रिया की जांच मेडिकल कॉलेज स्तर पर की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मेडिकल कॉलेज से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने और नर्सिंग होम द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त संदेश

मंजूषा नर्सिंग होम पर हुई कार्रवाई को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि मरीजों की सुरक्षा, रिकॉर्ड संधारण और नियमानुसार संचालन में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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