वेटरनरी यूनिवर्सिटी के संपदा अधिकारी विवादों में:बिना पात्रता वाली फर्म को ठेका दिया-NSUI के आरोपों से घिरी यूनिवर्सिटी

जबलपुर। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और कुलपति डॉ. मनदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव एजाज अंसारी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी डॉ. एस.के. कारमोरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि हाल ही में जबलपुर एवं महू परिसर के लिए फर्नीचर क्रय हेतु GeM पोर्टल के माध्यम से जारी निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ चुनिंदा फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

नियमों को ताक पर रखकर दिए गए कार्य आदेश?

एनएसयूआई का आरोप है कि जिन फर्मों को कार्य आदेश जारी किए गए, उन्होंने निविदा में निर्धारित सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे। इसके बावजूद उन्हें पात्र मानते हुए कार्य आवंटित कर दिया गया। संगठन ने दावा किया कि निविदा प्रक्रिया में पात्रता की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन में गंभीर लापरवाही बरती गई।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक ऐसी फर्म को भी कार्य आदेश जारी किया गया, जो फर्नीचर आपूर्ति के लिए अधिकृत या पंजीकृत नहीं है। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निविदा समिति के गठन पर भी उठे सवाल

एनएसयूआई ने निविदा समिति के गठन को लेकर भी आपत्ति जताई है। संगठन का आरोप है कि समिति के गठन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनकी निष्पक्षता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में नियमित कर्मचारियों के स्थान पर संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से महत्वपूर्ण कार्यालयीन कार्य कराए जा रहे हैं, जो प्रशासनिक नियमों के विपरीत है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

एनएसयूआई प्रदेश सचिव एजाज अंसारी ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में निविदा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई है तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कुलपति से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों में वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। यदि शिकायतों की अनदेखी की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

कुलपति को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति डॉ. मनदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शफी खान, अनुराग शुक्ला, सैफ मंसूरी, वकार खान, युग ठाकुर, अनिकेत तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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