96 घंटे तक मौत बनकर घर में घूमती रही कोबरा नागिन! कभी किचन, कभी टीवी पर, तो कभी बाथरूम में… पूरा परिवार दहशत में

जबलपुर। कल्पना कीजिए… जिस घर में आप रहते हों, उसी घर में चार दिनों तक एक जहरीली कोबरा नागिन खुली घूमती रहे। कभी रसोई में दिखाई दे, कभी टीवी के ऊपर बैठी मिले और कभी बाथरूम में फन फैलाकर कब्जा जमा ले। यही खौफनाक मंजर भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सिहौदा निवासी रमेश भुमिया और उनके परिवार ने पूरे 96 घंटे तक झेला।

परिवार के लिए यह चार दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं थे। घर का कोई भी सदस्य निश्चिंत होकर सो नहीं पा रहा था। बच्चे सहमे हुए थे और महिलाएं हर कमरे में कदम रखने से पहले कई बार झांककर देखती थीं कि कहीं नागिन तो नहीं बैठी। पूरे घर में दहशत का ऐसा माहौल था कि सामान्य जीवन पूरी तरह थम गया।

बाथरूम बना ‘नागिन का अड्डा’, किचन में भी करती रही आवाजाही

परिवार के सदस्यों ने बताया कि कोबरा नागिन ने सबसे पहले बाथरूम में डेरा जमा लिया था। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। वह समय-समय पर बाथरूम से निकलकर पूरे घर में घूमती रही। कभी किचन में दिखाई देती तो कभी टीवी सेट के ऊपर जाकर बैठ जाती। हर बार उसे देखकर परिवार की चीख निकल जाती और सभी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते।

सबसे बड़ी चिंता यह थी कि घर में बच्चे भी मौजूद थे। ऐसे में किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता था। परिवार ने कई बार उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास नाकाम रहा।

गेहूं के बोरों के बीच छिपी मिली मौत

रविवार शाम करीब 5:30 बजे परिवार ने देखा कि कोबरा नागिन घर में रखे गेहूं के बोरों के बीच छिपी बैठी है। इसके बाद बिना देर किए उन्होंने सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे को सूचना दी।

सूचना मिलते ही गजेन्द्र दुबे मौके पर पहुंचे और बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने जहरीली कोबरा नागिन को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया गया।

नागिन के पकड़े जाने के बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। चार दिनों से जिस डर के साए में वे जी रहे थे, उससे आखिरकार छुटकारा मिल गया।

कोबरा का जहर कितना खतरनाक?

सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे ने बताया कि पकड़ी गई नागिन कोबरा प्रजाति की थी, जिसे दुनिया के सबसे जहरीले और खतरनाक सांपों में गिना जाता है। इसके विष में न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है।

उन्होंने बताया कि यदि कोबरा के काटने के बाद पीड़ित को समय पर उपचार न मिले, तो कुछ ही घंटों में उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। खतरा महसूस होने पर कोबरा अपना फन फैलाकर आक्रामक मुद्रा में आ जाता है और यही उसकी सबसे बड़ी पहचान भी है।

बारिश में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों में घुस आते हैं। ऐसे में यदि घर में सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचना दें।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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