जबलपुर। ग्वारीघाट क्षेत्र के भटौली इलाके में प्री-मानसून की पहली ही तेज बारिश और आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाते हुए कई गरीब परिवारों को सड़क पर ला दिया है। तेज हवाओं के तांडव के कारण क्षेत्र के कई कच्चे मकानों की छतें और टिन टप्पर उखड़कर दूर जा गिरे, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे बेघर हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां बेघर होने के सदमे और गंभीर परिस्थितियों के कारण एक बेबस गर्भवती महिला ने अपने अजन्मे शिशु को हमेशा के लिए खो दिया। इस भीषण आफत में कुछ अन्य स्थानीय नागरिकों के भी घायल होने की खबर है।
इस दुखद घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र अवस्थी ने जबलपुर जिला प्रशासन की घोर लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि झुग्गी और कच्चे मकानों वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के समय रहते कोई इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण आज एक मासूम की दुनिया उजड़ गई। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मृत अजन्मे शिशु के पीड़ित परिवार को तत्काल भारी मुआवजा दिया जाए, घायलों का मुफ्त इलाज हो और बेघर हुए सभी परिवारों के रहने के लिए पुनर्वास की उचित व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जाए।
