जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दर्शनी कॉलोनी निवासी मंगल चौधरी ने आरोप लगाया है कि लापरवाहीपूर्वक ट्रक चलाने का विरोध करने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर पर हमला किया, उनकी पत्नी के साथ बदसलूकी की और घर में आग लगा दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर सिहोरा थाने पहुंचे, तो वहां भी उन्हें न्याय के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा।
मंगल चौधरी के अनुसार थाना प्रभारी ने मामले में उचित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधीनस्थ स्टाफ में पदस्थ एसआई पांडे ने प्रभारी के आदेश की अनदेखी करते हुए कथित रूप से मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार की। आरोप है कि जब परिवार ने इसका विरोध किया तो पीड़ित महिला की कलाई मरोड़ दी गई और उन्हें थाने से भगा दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मंगल चौधरी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उस पर हत्या के आरोपियों को संरक्षण देने, डकैती सहित करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं।
पुलिस का दावा है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी, लेकिन शिकायतकर्ता बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के नाम रिपोर्ट में शामिल कराने का दबाव बना रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान थाने में वीडियो रिकॉर्डिंग कर शासकीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न की गई।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम और वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा लापरवाही, अभद्र व्यवहार या महिला से दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
