जबलपुर में बमबाज़ों का सरेराह जुलूस: रंगदारी न मिलने पर सुमित चौबे के घर बरसाए थे बम; अब बीच सड़क कान पकड़कर बोले— अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है!

जबलपुर । थाना अंतर्गत करमेता बस्ती में दिनदहाड़े बम फोड़कर गदर मचाने वाले बदमाशों की हेकड़ी जबलपुर पुलिस ने २४ घंटे के भीतर निकाल दी है। इलाके में दहशत का पर्याय बनने की कोशिश कर रहे इन गुंडों को पुलिस ने न सिर्फ सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि उसी सड़क पर उनका ऐसा ‘जुलूस’ निकाला कि बदमाशों के चेहरों की हवाइयाँ उड़ गईं।

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1 लाख रुपए की रंगदारी और ताबड़तोड़ धमाकेCCTV फुटेज से खुले राज, ‘सिंघम’ स्टाइल में एक्शनबीच सड़क निकाली हेकड़ी, माँगी माफीमुख्य सरगना अब भी फरार, पुलिस का दावा- ‘जल्द होगा सलाखों के पीछे’माढ़ोताल थाना पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और दहशत फैलाने की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इस कांड का मुख्य मास्टरमाइंड सौरभ यादव और उसके कुछ अन्य साथी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मुख्य सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे भी ऐसी ही कड़ी सजा दी जाएगी।

1 लाख रुपए की रंगदारी और ताबड़तोड़ धमाके

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फसाद की जड़ रंगदारी है। इलाके के शातिर और आदतन अपराधी सौरभ यादव ने करमेता निवासी सुमित चौबे से ₹१ लाख की अवैध रकम की मांग की थी। जब सुमित ने यह मोटी रकम देने से साफ मना कर दिया, तो बौखलाए सौरभ यादव ने अपनी धौंस जमाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची। वह अपने ८-१० हथियारबंद गुर्गों को लेकर सुमित के घर पर धावा बोलने पहुँच गया। बदमाशों ने सुमित के घर को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक कई बम पटके। लगातार हुए धमाकों और बारूद के धुएँ से पूरी करमेता बस्ती दहल उठी। गनीमत रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी  कैमरे में कैद हो गई।

CCTV फुटेज से खुले राज, ‘सिंघम’ स्टाइल में एक्शन

दिनदहाड़े हुई इस बमबाजी के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर माढ़ोताल पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों को सक्रिय किया। महज़ कुछ ही घंटों की घेराबंदी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी के दो सक्रिय गुर्गों—दीपक रजक और आजाद बेन को दबोच लिया।

बीच सड़क निकाली हेकड़ी, माँगी माफी

शुक्रवार को माढ़ोताल पुलिस इन दोनों ‘मुरगों’ को सबक सिखाने और जनता के मन से खौफ दूर करने के लिए उसी घटनास्थल (करमेता बस्ती) पर लेकर पहुँची। पुलिसिया Style सामने आते ही चौड़े होकर घूमने वाले बदमाशों की घिग्घी बंध गई। सरेराह दोनों बदमाशों ने अपने कान पकड़े, उठक-बैठक लगाई और बीच सड़क पर चिल्लाते हुए नारे लगाए— “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है!” इस नज़ारे को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस के इस तगड़े एक्शन की सराहना की।

मुख्य सरगना अब भी फरार, पुलिस का दावा- ‘जल्द होगा सलाखों के पीछे’

माढ़ोताल थाना पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और दहशत फैलाने की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इस कांड का मुख्य मास्टरमाइंड सौरभ यादव और उसके कुछ अन्य साथी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मुख्य सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे भी ऐसी ही कड़ी सजा दी जाएगी।

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