वन रक्षक , जेल प्रहरी की परीक्षा कैंसिल होने के विरोध में NSUI ने घेरा कर्मचारी चयन मंडल का ऑफिस

भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 में सामने आई तकनीकी खामियों और अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। व्यापम चौराहे स्थित कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार एवं भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने किया। प्रदर्शन के बाद संगठन ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के संयुक्त परीक्षा नियंत्रक दिनेश अग्रवाल को अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा।

रवि परमार ने कहा कि 7 जून 2026 को आयोजित भर्ती परीक्षा में प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा अन्य राज्यों से हजारों अभ्यर्थी शामिल होने पहुंचे थे। कई अभ्यर्थियों ने 100 से लेकर 1000 किलोमीटर तक की यात्रा कर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए आर्थिक और मानसिक संघर्ष किया। इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर उन्हें घंटों इंतजार कराया गया और बाद में तकनीकी कारणों का हवाला देकर परीक्षा निरस्त कर दी गई।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों की मेहनत और संसाधन लगाते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन हुई अव्यवस्था न केवल उनकी मेहनत पर पानी फेरती है, बल्कि उनके भविष्य और मनोबल को भी प्रभावित करती है।

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। यदि तकनीकी व्यवस्थाओं का समय रहते परीक्षण किया गया होता, तो हजारों अभ्यर्थियों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा रोजगार की उम्मीद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनके भरोसे को कमजोर करती हैं। कर्मचारी चयन मंडल की जिम्मेदारी है कि भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आयोजित हों।

एनएसयूआई ने रखीं सात प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मांग की है कि परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा फीस वापस की जाए। साथ ही परीक्षा आयोजन में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाए।

संगठन ने पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा, आवास और भोजन संबंधी खर्चों के लिए विशेष आर्थिक सहायता देने, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, पुनर्परीक्षा की तिथि समय रहते घोषित करने, परीक्षा केंद्रों का तकनीकी ऑडिट कराने तथा शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू करने की भी मांग की है।

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि अभ्यर्थियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव सैय्यद अल्तमश, योगेश सोनी, हर्ष पटेल, निशांत राजपूत, शिखर, त्रिशिख, अज़माम खान, कमल, तेजश, अनीश, ध्रुव पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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