जबलपुर। न्याय की आस में भटक रहे भाई-बहन शिल्पा शुक्ला और मनोज शुक्ला के समर्थन में मानव अधिकार क्रांति संगठन सामने आया है। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गीता पांडे के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संगठन का कहना है कि पीड़ित भाई-बहन लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। परेशान होकर दोनों ने मानव अधिकार क्रांति संगठन से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार पीड़ित परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है।
माता-पिता के निधन के बाद बढ़ीं मुश्किलें
बताया गया है कि शिल्पा शुक्ला और मनोज शुक्ला के माता-पिता का निधन हो चुका है। उनके निधन के बाद दोनों भाई-बहन पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा। आरोप है कि उन्हें मिलने वाली पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनके खातों से रकम निकाले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
संगठन के अनुसार पीड़ित परिवार ने शिकायत में बताया है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई, आर्थिक शोषण किया गया और उनकी कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
साढ़े चार लाख का लोन और वाहन फाइनेंस कराने का आरोप
ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि पीड़ितों के नाम पर करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन निकलवा लिया गया। इतना ही नहीं, उनके नाम से वाहन भी फाइनेंस करा लिया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में उनकी जानकारी और सहमति का दुरुपयोग किया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनसे ब्लैंक चेक भी ले लिए गए, जिनका गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इस कारण वे लगातार आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
मारपीट और प्रताड़ना के भी आरोप
मामले में केवल आर्थिक धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि शारीरिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पीड़िता के हाथ को सिगरेट से जलाया गया, मारपीट की गई और लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
मानव अधिकार क्रांति संगठन का कहना है कि इन घटनाओं के कारण दोनों भाई-बहन भय और तनाव के माहौल में जीवन गुजार रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही थी
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि लगातार परेशानियों और न्याय नहीं मिलने के कारण पीड़ित परिवार ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की आशंका भी जताई थी। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए संगठन ने मामले को प्राथमिकता से उठाते हुए पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गीता पांडे ने कहा कि यदि समय रहते पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
एएसपी ने दिया जांच का आश्वासन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
संगठन को उम्मीद है कि जांच के बाद पीड़ित भाई-बहन को न्याय मिलेगा और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान मानव अधिकार क्रांति संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गीता पांडे के साथ कविता नामदेव, आदर्श भाटिया, रोशनी कुमरे, कल्पना गोडेश्वर, यशवंत कोष्टा, विनय डेविड, भरत नामदेव, पंकज मेहता, नीरज नगाइच, श्याम सोलंकी, अशोक यादव, जितेंद्र यादव, अभिषेक गांगुली, राजेश पांडे सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
