धर्म परिवर्तन का बड़ा मामलाः महिला को 12 हजार देकर कहा हिंदू- देवी देवताओं को घर से बाहर फेंक दो

जबलपुर। शहर के केंट थाना क्षेत्र में कथित अवैध धर्मांतरण का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने तीन लोगों पर आर्थिक सहायता और प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने, धार्मिक साहित्य देने तथा घर में स्थापित हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें और प्रतिमाएं हटाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद शहर में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हिल्टगंज निवासी सपना मलिक (40 वर्ष) ने केंट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह घरेलू कामकाज कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और अपने बेटे के साथ रहती हैं। नवंबर 2025 में उनकी एक्सेस गाड़ी कजरवारा रोड पर खराब हो गई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात राजेश सिलास नामक व्यक्ति से हुई थी।

मदद के बहाने बढ़ाया संपर्क
महिला का आरोप है कि पहली मुलाकात में राजेश सिलास ने खुद को मददगार बताते हुए कहा कि वह उसे अपना भाई समझे और यदि किसी भी प्रकार की जरूरत हो तो बेझिझक संपर्क करे। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। महिला के अनुसार कुछ दिनों बाद राजेश सिलास उसके घर पहुंचा और उसे 2 हजार रुपये देते हुए कहा कि यह उसकी ओर से सहायता है। महिला ने बताया कि उस समय उसे यह सामान्य मदद लगी और उसने रुपये स्वीकार कर लिए। शिकायत के अनुसार इसके बाद राजेश सिलास लगातार उसके संपर्क में रहा और आर्थिक सहायता का भरोसा देता रहा। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसे डुमना क्षेत्र में स्थित हिल्टन होटल के पास ले जाया गया, जहां उसकी मुलाकात रवि नामक व्यक्ति से कराई गई।

10 हजार रुपये देकर धर्म अपनाने का प्रस्ताव
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रवि नामक व्यक्ति ने उसे 10 हजार रुपये दिए और कहा कि वह ईसाई धर्म अपना ले। इतना ही नहीं, उससे यह भी कहा गया कि यदि वह अन्य लोगों को भी ईसाई धर्म से जोड़ने का काम करेगी तो उसे और अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। महिला का कहना है कि उस समय उसे विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए गए और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि धर्म परिवर्तन करने से उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी और भविष्य में उसे लगातार मदद मिलती रहेगी। महिला ने कहा कि उसे कई बार समझाने और मनाने का प्रयास किया गया।

घर पहुंचकर कराई प्रार्थना, धार्मिक सामग्री दी
शिकायत में आगे कहा गया है कि कुछ समय बाद राजेश सिलास अपने साथी अमित मसीह के साथ उसके घर आया। वहां दोनों ने उसे बाइबल, ईसाई धर्म से संबंधित अखबार और साहित्य, यीशु मसीह की तस्वीर तथा गले में पहनने के लिए क्रॉस वाला लॉकेट दिया। महिला का आरोप है कि घर में प्रार्थना भी कराई गई और उसे ईसाई धर्म की शिक्षाओं को अपनाने के लिए कहा गया। महिला ने बताया कि शुरू में उसने इसे सामान्य धार्मिक चर्चा समझा, लेकिन बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ने लगा। आरोप है कि आरोपियों ने उसे बार-बार ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया और अपने धर्म का प्रचार करने को कहा।

देवी-देवताओं की तस्वीरें हटाने का दबाव
मामले का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके घर में स्थापित हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें और प्रतिमाएं हटाने के लिए कहा। महिला के अनुसार उसे स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि वह ईसाई धर्म अपनाना चाहती है तो उसे अपने घर से हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें बाहर करनी होंगी। पीड़िता का कहना है कि उसने इस बात का विरोध किया और अपने धार्मिक विश्वासों से समझौता करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। महिला ने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के लिए आर्थिक लालच और मानसिक दबाव दोनों का इस्तेमाल किया गया।

’’धर्म परिवर्तन से इनकार के बाद पहुंची थाने’
लगातार दबाव और कथित प्रलोभनों से परेशान होकर सपना मलिक ने पूरे मामले की जानकारी अपने परिचितों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को दी। इसके बाद वह केंट थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने राजेश सिलास, रवि और अमित मसीह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला’’
केंट थाना पुलिस ने शिकायत का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर राजेश सिलास, रवि और अमित मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5) तथा मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। शिकायत में जिन आर्थिक लेन-देन, धार्मिक सामग्री और कथित प्रलोभनों का उल्लेख किया गया है, उनकी भी जांच की जाएगी। संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की सत्यता का पता लगाया जाएगा।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला विवेचना में है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद शहर में धर्मांतरण और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।

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